भाजपा विधायक का अचानक छलका दर्द,,,अपनी ही सरकार के मंत्री को लिया निशाने पर, कहा मेरा अपमान हुआ, कन्यादान योजना किसी की बपौती नहीं पंच मंच पर मैं मैदान में, अफसरों से भी की गुजारिश,, कहा हम पॉलिसी बनाने वाले, हमसे ही भेदभाव हो रहा,, कार्यकर्ता और अधिकारी सकते में,,

मंडला – बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री देव सिंह सैयाम का उस समय अचानक दर्द छलक उठा जब उन्हाेने नैनपुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में मंच से अपने विचार रखे। भाषण के दौरान उन्होने पिछले साल का किस्सा सुनाते हुए कह दिया कि टिकरवारा में आयोजित सम्मेलन में उन्हें मंच पर जगह तक नहीं दी गई थी। हम कार्यक्रम बनाते है, ये किसी के बाप की बपौती नहीं है, सरकारी आयोजन है। उन्होने कहा कि वे दूल्हा और दूल्हन के साथ मैदान में घूमते रहे लेकिन उन्हें मंच पर बैठने नहीं कहा गया। पंच और सरपंच मंच पर थे लेकिन उन्हें नहीं पूछा गया। इस बीच उन्होने मंत्री संपतिया उईके पर भी निशाना साधा और कहा कि किसी के कहने पर यदि ऐसा हो रहा है तो वह गलत है। उन्होने नैनपुर के सामूहिक विवाह सम्मेलन में जनपद सदस्यों की गैर मौजूदगी को लेकर भी अफसरों को खरी खोटी सुनाई। श्री सैयाम ने कहा कि इसकी तह तक जाना चाहिए कि आखिर उनके ही कार्यक्रम में वे क्यों नहीं आए। जरुरत पडी तो वे खुद भी अधिकारियों के साथ बैठने को तैयार है। इस घटनाक्रम के बाद मंडला में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गौरतलब है कि पूर्व में भी कुछ विधायक इस तरह से बयानबाजी कर चुके है। मंडला से सामने आए विडियो ने सरकारी अधिकारियों पर सवाल खडे करने का काम किया है।

सीएम आए थे समारोह में

सैयाम ने बातों बातों में ये भी कहा कि उस दौरान प्रदेश के मुखिया भी टिकरवारा में आए थे। उनके पास तक जाने की इजाजत मुझे नहीं थी। भाजपा के विधायक का खुलेआम मंच से ऐसा कहना कई सवालों को खडा कर गया है। मंच से पूर्व मंत्री ने ये भी कह दिया कि मेरा अपमान किया गया था, श्रेय लेने की राजनीति चल रही है। ऐसा नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम हम सभी का है। हम योजना बनाने वालों में शामिल है इसके बाद भी हमें मंच पर जगह नहीं मिली। मंडला के भाजपा विधायक की इस बयानबाजी के बाद भाजपा में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।