भोपाल: लंबे इंतजार के बाद पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना को निगम मंडल में जगह मिलना लगभग तय हो गया है। हाल ही में वे भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा के जन्मदिन पर भोपाल पहुंचे थे। उनके निवास पर हुई चर्चा में उन्होने श्री सक्सेना को इस बात की बधाई दी कि सब कुछ अच्छा होगा। बस कुछ दिन और रुक जाईए, पार्टी के नेता राज्यसभा की तैयारी में थे इसलिए देरी हुई। नरोत्तम मिश्रा से हुई बातचीत के बाद दीपक सक्सेना आश्वस्त होकर छिंदवाडा लौट आए। हालांकि इस दौरान उन्होने भाजपा के ही कुछ और नेताओं से भी मुलाकात की। सूत्रों का कहना है कि श्री सक्सेना को निगम मंडल के लिए हां कह दिया गया है। सूची में नाम होने की चर्चा भी जोरो पर है लेकिन अभी ये तय नहीं है कि उन्हें कौन से निगम का दायित्व सौंपा जाएगा। कहा ये भी जा रहा है कि वर्तमान में भाजपा में केवल विभाग को लेकर जोडतोड चल रही है। नेताओं के नाम तो तय हो गए है कि लेकिन अब मुख्य कवायद विभाग की है। हर कोई नेता मलाईदार विभाग का निगम चाहता है, लेकिन पार्टी किसे क्या देगी एक सप्ताह के भीतर साफ हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना के समर्थक भी इसको लेकर सक्रिय हो गए है। वे गुरुवार को छिंदवाडा लौटे और रोहना में अपने समर्थकों से मुलाकात की। उधर भाजपा का दूसरा खेमा भी इस मामले में आश्वस्त था लेकिन नाम के फाइनल होने की खबरों ने उन्हें तगडा झटका दिया है। खबर है कि इस खेमे के कुछ नेता दिल्ली और भोपाल भी पहुंचे थे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, जिसके चलते वे वापस लौट आए।
पंडितजी और चंद्रभान फिर खाली हाथ
विधायक न बन पाने से कुछ समय के लिए नाराज रहे पंडित रमेश दुबे को चुनाव के दौरान वरिष्ठों ने मना तो लिया था लेकिन बाद में उन्हें उम्मीद थी कि निगम मंडल में उन्हें जगह मिलेगी, इसी तरह चौधरी चंद्रभान को भी पूरी उम्मीद थी कि उन्हें इसमें एडजस्ट किया जा सकता है, परंतु उनकी उम्मीदों को भी झटका लगने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी सूची जारी नहीं हुई है लेकिन नाम के सामने आने से दोनो नेताओं के समर्थकों ने दौड भाग तेज कर दी है। बहरहाल आगामी सप्ताह में आने वाली सूची को लेकर भाजपा और कांग्रेस में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।










