छिंदवाडा: जिले के वन विभाग में बरसों से पदस्थ एक अधिकारी सरकार को जमकर चूना लगा रहा है। दरअसल ये अधिकारी नियमों का जिस तरह से मजाक उडाता है उसे जानकर आप हैरान रह जाऐंगे। सूत्रों के अनुसार वन विभाग की मलाई गुगौलिया काे इस कदर पसंद आ गई कि अब यहां से जाने का मन नहीं है। कुछ दिनों के लिए सरकार की आंखों में धूल झोंककर ये पास के जिले में चंद महिनों के लिए चले जरुर गए लेकिन बाद में वापसी भी हो गई। हैरानी की बात ये है कि अपने स्थानांतरण के दौरान इन्होने मकान तक नहीं छोडा। बताया जा रहा है कि गुगौलिया जिले के मलाईदार वन क्षेत्रों में रह चुके है। धनकुबेर के नाम से जाने वाले वाले इस अधिकारी के पास न केवल एक आलीशान मकान है बल्कि कुछ और स्थानों पर संपत्ति भी है। सूत्रों का कहना है कि ये मकान उनके एक रिश्तेदार के नाम पर खरीदा गया है। इस मकान की देखरेख वही करते है। सूत्र बताते है उनके कामकाज और संपत्ति को लेकर जल्दी ही बडी जांच हो सकती है। इसके दस्तावेज जुटाए जा रहे है। वन विभाग के सूत्रों का ये भी कहना है कि अकूत संपत्ति के मालिक इस अधिकारी की पकड भोपाल में भी बनी हुई है। हालांकि इसे भी ऐजेंसियां टटोल रही है। बहरहाल वन विभाग में आने वाले लंबे चौडे फंड को लेकर गुगौलिया की नजरें अभी भी जमी हुई है। इनके कार्यक्षेत्र में होने वाले कामकाज को लेकर चल रही जांच में बडा मामला सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है।
जिला नहीं छोडना चाहते गुगौलिया
इस अधिकारी की सबसे खास बात ये है कि ये जिला छोडने को तैयार नहीं है। यदि कार्यकाल पर नजर डाले तो अपने समय का नब्बे प्रतिशत समय छिंदवाडा में ही इन्होने काटा है। जांच का विषय ये भी है कि आखिर ऐसा क्यों? यदि इनके कार्यकाल की जांच हो जाए तो सारा कुछ सामने आ सकता है। तीन साल तक जमे रहने वाले अधिकारियों के स्थानांतरण के नियमों के साथ खेल करने वाले इस अफसर को लेकर चर्चाओं का बाजार गरमाया हुआ है।














