नहीं माने भाजपा के अमित, नाथ की तारीफ की तो सकते में आए भाजपाई, एक और बडे नेता के आक्रामक तेवर, लटकी निष्कासन की तलवार, राजनीति में पारा चढा,,

छिंदवाडा: भाजपा में हलचल तेज है। नेता समीकरणों के गणित लगाने लगे है। कांग्रेस बाहर से नजरें जमाए बैठी है। या यूं कहे की घात लगाए बैठी है। कांग्रेस से भाजपा में गए अमित के तल्ख तेवरों ने साफ कर दिया है कि पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। संगठन भी आक्रामक है। नोटिस जारी कर सात दिन का समय मांगा जा चुका है, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने भले ही नोटिस का जवाब अभी तक नहीं दिया है लेकिन किसान आंदोलन के दौरान ये साफ कर दिया है कि वे अब सर्कस के शेर नहीं है, यानी वे खुले मैदान में खेलना पसंद करते है। उन्होने जिस तरह से पूर्व सीएम कमलनाथ की सरकार की तारीफ की उससे भी कई तरह के संकेत निकलकर सामने आए है। कोई कह रहा है जल्दी ही कांग्रेस में वापसी होगी तो किसी ने कहा ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस की पकड और बढ जाएगी। अमित सक्सेना के किसान आंदाेलन में जिस तरह से भीड उमडी उससे ये साफ हो गया कि वे अब भाजपा की चेतावनी के आगे झुकेंगे नहीं। उधर कांग्रेस से भाजपा में गए अमित सक्सेना के खास कहे जाने वाले नेता भी इस घटनाक्रम से सकते में है। वे ये तय नहीं कर पा रहे है आखिर क्या किया जाए। ग्रामीण इलाकों में अपनी मजबूत पकड रहने वाले अमित ने यदि भाजपा का साथ छोडा तो काफी कुछ बदला नजर आएगा। फिलहाल भाजपा अमित सक्सेना के भाजपा सत्ता विरोधी स्वर को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे है। आगे क्या होगा आने वाला समय ही तय करेगा।

एक और नेता के स्वर भी आक्रामक

भाजपा के एक और बडे नेता भी इन दिनों आक्रामक तेवरों के साथ नजर आ रहे है। हालांकि उन्होने सार्वजनिक तौर पर अभी तक किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन कहा जा रहा है कि आने वाले समय में वे भी मुखरित हो सकते है। कांग्रेस से भाजपा में गए कुछ नेता इन तमाम घटनाक्रमों से विचलित नजर आ रहे है। यदि हालात न संभले तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आने वो समय में होने वाले चुनाव के दौरान राजनीतिक समीकरण बदले नजर आऐंगे। हालाकि भाजपा संगठन ने संकेत दिए है कि इस मामले में जल्दी ही सब कुछ ठीक कर लिया जाएगा। मामले में भाजपा के बडे नेता भी विचार विमर्श कर रहे है। कुछ नेताओं ने तो अमित सक्सेना को निष्कासित करने की सलाह तक संगठन को दी है। फिलहाल सब कुछ भविष्य की गर्त में छिपा हुआ है।