परासिया के नेताजी की घर वापसी पर लाईन खींचने की कोशिश, कांग्रेस में घर वापस हुए दिग्गज की टिप्पणी पर बोले, कौन घर वापसी करेगा और कौन नहीं ये कोई तय न करें, बयान पर बवाल,,

छिंदवाडा: कांग्रेस भवन में परासिया के नेताजी की टिप्पणी चर्चाओं में है। सार्वजनिक तौर पर दिए गए भाषण में जो कहा गया वह कई नेताओं को चुभ गया। दरअसल नेताजी कह रहे थे कि किसी नेता को कांग्रेस में लेना है या नहीं ये कोई कैसे तय कर सकता है, उनका इशारा भाजपा से कांग्रेस में आए दिग्गज नेता द्वारा हाल ही में की गई टिप्पणी को लेकर था। इस दिग्गज नेता ने कहा था कि जो आना चाहता है वह पहल करें, इसमें उन्होने भैया से लेकर महापौर तक की ओर इशारा किया था। इसके बाद से राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। कांग्रेस भवन में बैठक के दौरान जब नेताजी ने अपने विचार रखे तो सभी हैरान हो गए। किसे लेना है या नहीं ये अलग बात है लेकिन मंच से इस तरह की बातों ने कई सवाल खडे कर दिए है। सूत्रों का कहना है कि नेताजी के इस बयान को लेकर वरिष्ठों ने भी चिंता जताई है। अभी पार्टी में घर वापसी का दौर चल रहा है। भाजपा में गए नेता लौट रहे है, कई नेता कतार में है, लेकिन कांग्रेस नेताओं के बीच तालमेल नहीं होने से मामला खटाई में पड सकता है। बताया ये भी जा रहा है कि इन सारे घटनाक्रम पर भाजपा की निगाहें बनी हुई है। फिलहाल नेताजी का ये बयान क्या रंग लाएगा आने वाले समय में साफ होगा लेकिन इसके बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

माननीय से नजदीक है नेताजी

बताया जा रहा है कि नेताजी परासिया में माननीय के खास है, हालांकि वे माननीय से अलग चलने की बात करते रहते है लेकिन सूत्र बताते है कि गाहे बगाहे नेताजी माननीय की मदद ले ही लेते है। ऐसे में उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे है। सूत्रों का कहना है कि नेताजी माननीय को लेकर नाखुश होने की बात अक्सर कहते नजर आते है। फिलहाल परासिया के नेताजी ने ये बयान एकाएक कैसे और क्यों दिया वे ही जाने, लेकिन उनके इस बयान ने ये जरुर तय कर दिया है कि कांग्रेस में घर वापसी करने वाले नेताओं पर विवाद किया जाने लगा है।