भोपाल: भाजपा में जिलाध्यक्ष की सूची को लेकर मचा बवाल अभी भी नहीं थमा है। यही वजह है कि सूची में लगातार देरी हो रही है। हालांकि आज सूची जारी होने की पूरी संभावना है। सूची में देरी की एक वजह ये भी बताई जा रही है कि इसमें केंद्र को भेजे गए कई नाम बदले गए है। सूत्रों के अनुसार बीस से पच्चीस नामों में बदलाव की खबरें आ रही है। ये नाम पूरे प्रदेश से है। खबरों के अनुसार जिन जिलों में बवाल मचा हुआ है वहां पर नामों में उलटफेर किया गया है। अडीबाजी को लेकर भाजपा के आलाकमान के नेता भी बेहद नाराज है। भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं ने प्रदेश संगठन के नेताओं को भी फटकारा है। सभी से समन्वय बनाने की बात कही गई है। हालांकि वर्तमान में ये संभव नजर नहीं आ रहा है। सूत्र बताते है कि सबसे ज्यादा दिक्कत मालवा और महाकौशल में बनी हुई है। इसके अलावा राजधानी के आस पास के जिलों के भी यही हाल है। तमाम मंत्री इस मामले में अपने समर्थकों को लेकर अडे हुए है। उधर संगठन से जुडे नेताओं ने अपने समर्थकों की सूची तैयार की है। यही वजह है कि समन्वय स्थापित नहीं हो पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि देर रात तक नामों को लेकर स्थानीय स्तर पर वरिष्ठ नेताओं से राजधानी वाले नेता रायशुमारी करते रहे। बहरहाल सत्ताधारी पार्टी को जिस तरह से जिलाध्यक्ष के लिए कवायद करनी पड रही है उससे नजर आ रहा है कि भाजपा में अब अपनी अपनी ढपली अपना अपना राग वाली कहावत चरितार्थ होने लगी है।

  • पर्यवेक्षकों ने जाने से किया इंकार

सूत्र बताते है कि दो दिन पहले ये तय किया गया था कि पर्यवेक्षक जाकर जिलों में समन्वय बनाऐंगे और अध्यक्ष के नाम की घोषणा करेंगे, लेकिन पर्यवेक्षकों ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। पर्यवेक्षकों ने साफ किया कि यदि वे ऐसा करते है तो असंतोष जाहिर करने वाले नेता आक्रोश जता सकते है। यही वजह है कि वे जिलों में जाना नहीं चाहते। फिलहाल भाजपा के नेताओं ने भोपाल से ही सूची जारी करने का निर्णय लिया है। नेताओं का कहना है कि दोपहर या शाम तक सूची जारी कर दी जाएगी।