छिंदवाडा: लगातार सामने आ रहे टाउन एंड कंट्री के मामलो में जिला प्रशासन की खामोशी भी संदेह का विषय बन रही है। उधर भोपाल के अफसर ऐसे मसलों पर हरकत में आ गए है जिसमें टाउन एंड कंट्री के अफसरों ने अपनी मनमानी करते हुए कॉलोनी काटने की अनुमति दे डाली। ग्रीन जोन में धारा की गलत व्याख्या कर दी गई अनुमति को लेकर भोपाल के अफसरों ने शिकायत कर्ता से दस्तावेज मांगे है। सूत्रों के अनुसार अभी तक ऐसी तकरीबन सत्रह कॉलोनियां सामने आई है जिसमें अफसरों ने ग्रीन जोन होने के बावजूद धारा की गलत व्याख्या कर अनुमति दे डाली। हालांकि विभाग के अफसर मामले में भोपाल के अधिकारियों के शामिल होने की बात भी दबी जुबान से कह रहे है लेकिन भोपाल के अफसरों से चर्चा करने पर उन्होने इसपर जमकर नाराजी जताई है। उधर जिला प्रशासन के अफसर मामले में खामोश है। जबकि मामले में जिला प्रशासन के आला अफसरों को लगाम कसना चाहिए था। मामला मास्टर प्लॉन का था, जिसके पालन करवाने की जिम्मेदारी में जिला प्रशासन की महती भूमिका होती है।
- कॉलोनाईजर करने लगे पूछताछ
राजनीति की बात में एक एक करके उजागर होते मामलों के बाद कॉलोनाईजर टाउन एंड कंट्री के अधिकारियों से इस बात की पूछताछ करते नजर आ रहे है कि कहीं कोई कार्रवाई तो नहीं हो रही। उधर टाउन एंड कंट्री विभाग के अफसर भी पूर्व के अफसर द्वारा दी गई अनुमतियों को लेकर हैरान है। कहा जा रहा है कि इस मामले में शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास भी दस्तावेज भेजे है। बहरहाल इस खेल में आगे क्या होगा? जल्दी ही सामने आएगा?









