छिंदवाडा: पूर्व सांसद नकुलनाथ ने नए साल में कांग्रेस में परिवर्तन के संकेत क्या दिए मानों उन नेताओं के आंखों में चमक आ गई जो लंबे समय से जिले के महत्वपूर्ण पद पर नजरें गढाए बैठे थे। उन्हें लगा मानों सब कुछ उनके अनुकूल होने जा रहा है। यही वजह है कि इन नेताओं ने लॉबिंग तेज कर दी। हालात यहां तक पहुंच गए कि नेताओं ने अपने समर्थकों को जिले से लेकर नगर तक कहां नियुक्ति दिलानी है इसकी कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। सूत्रों का कहना है कि एक नेताजी ने तो अपने निवास को ही बैठक का स्थान बना लिया है। यहां पर प्रतिदिन ऐसे नेता पहुंच रहे है जो पदों को लेकर इच्छुक है। हालांकि इन नेताजी की कितनी चलेगी आने वाले समय में साफ हो जाएगा। माना जा रहा है कि इस बार पूर्व सीएम बेहद सोच समझकर पदों पर नियुक्ति का निर्णय लेने वाले है। दावेदारा नेताओं को लग रहा है कि सब कुछ बदल जाएगा। सूत्रों की मानें तो जिन नेताओं ने अचानक सक्रियता बढाई है उन्हें पहले ही महत्वपूर्ण पद दिए जा चुके है लेकिन अभी वे उन पदों की ओर नजरें जमाए बैठे है जो जिले और शहर में कांग्रेस की महत्वपूर्ण राजनीति का केंद्र होते है। ऐसा नहीं है कि इस बात की खबर दिल्ली में नहीं है बल्कि वे वरिष्ठ नेताओं से हर मामले की जानकारी ले रहे है। हालात ये हो गए कि हर कोई नेताओं की बैठकों पर नजरें जमाए बैठा है। यानी ये कहना गलत नहीं होंगा कि नेताओं के बीच अब गाने की ये लाईनें चरितार्थ हो रही है कि जहां तेरी ये नजर है, मेरी जां मुझे खबर है।
- लॉबिंग से फिर बिखर रही कांग्रेस
सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से लॉबिंग की जा रही है उससे कांग्रेस एक बार फिर बिखर रही है। कांग्रेस के वे नेता जो सीधे पूर्व सीएम कमलनाथ या फिर नकुलनाथ से जुडे है वे परेशान है। दरअसल उनके सामने समस्या ये है कि वे अपने लिए लॉबिंग नहीं कर पा रहे है, इतना ही नहीं उनकी काम करने की मंशा जरुर है लेकिन लॉबिंग का डर उन्हें सता रहा है। ऐसे नेताओं का कहना है कि यदि उच्च पदों पर सही नियुक्तियां न हुई तो एक बार फिर कांग्रेस के लिए नई परेशानी खडी हो सकती है। हालांकि दिल्ली सूत्रों का कहना है कि पूर्व सीएम कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ मामले में बेहद सतर्कता बरत रहे है।










