कांग्रेस संगठन की सर्जरी पर नाथ गंभीर, दो संगठनों में बडे फेरबदल के संकेत, नए चेहरों की तलाश शुरु, उर्जावान चेहरों पर हो सकता है फोकस, 20 अगस्त के बाद हो सकती है नई नियुक्ति

छिंदवाडा: पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ इन दिनों संगठन को लेकर गंभीर रुख अपनाए हुए है। उन्होने संकेत भी दिए है कि ऐसे पदाधिकारियों को हटाया जाएगा जो निष्क्रिय बैठे है या फिर उनकी वजह से संगठन में विवाद के हालात बन रहे है। खबर है कि इन चेहरों को बदला जाएगा, हालांकि कुछ पदाधिकारियों का कार्यकाल भी पूरा हो चुका है। सूत्र बताते है कि इन संगठनों में नए और उर्जावान चेहरों की तलाश शुरु कर दी गई है। पूर्व सीएम कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ ने नामों पर विचार करना भी शुरु कर दिया है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में चुनौतियों से निपटने के लिए ये तैयारियां की जा रही है। वैसे भी जिन संगठनों पर नाथ का फोकस है वे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे है। इनमें युवा और महिला संगठन प्रमुख है। इन संगठनों को लेकर नाथ ने स्थानीय नेताओं के साथ मंथन भी किया है। सूत्रों का कहना है कि एक युवा संगठन के साथ साथ महिला संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरे दिखाई दे सकते है। हालांकि स्थानीय नेता इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे है।

महिलाओं के बीच बढते विवाद से नाथ नाराज

बताया जा रहा है कि नाथ परिवार महिलाओं के बीच बढते विवाद को लेकर ख्नासा नाराज है। हो सकता है कि आने वाले समय में बडा बदलाव भी हो जाए। वैसे भी आधी आबादी के मामले में कांग्रेस बेहद कमजोर बनी हुई है। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि भाजपा का पूरा फोकस इस आबादी पर है ताकि आने वाले समय में उन्हें इसका फायदा मिल सके। इन नेताओं की मानें तो कांग्रेस में महिला संगठन पर सवाल इसलिए भी खडे हो रहे है क्योंकि सक्रियता लगभग शून्य हो गई है। इसे अलावा केवल वर्चस्व की लडाई शुरु है। इस मामले में पूर्व सांसद नकुलनाथ की पत्नी प्रिया नाथ भी बेहद खफा है। बताया जा रहा है कि आने वाले चार सालों में संगठन को मजबूत करने पर पूरा फोकस किया जाएगा ताकि इसका फायदा कांग्रेस को मिल सके। बहरहाल बदलाव होगा या नहीं आने वाले समय में साफ हो जाएगा, लेकिन इस दिशा में कांग्रेस सक्रिय न हुई तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता उने नुकसान का सामना करना पड सकता है।

युवाओं को जोडने की भी बडी तैयारी

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस में युवा चेहरों को जोडने के लिए भी नई रणनीति पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए एनएसयूआई और युवक कांग्रेस में कुछ नए दिशा निर्देश जारी किए जा सकते है। युवाओं को लेकर कांग्रेस की सक्रियता इसलिए भी बढ गई है क्योंकि इस बार हुए नाथ के दौरे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस बात पर जोर दिया था कि युवायों पर फोकस करना जरुरी है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नई रणनीति के तहत आने वो समय में मैदान में आ सकती है। कांग्रेस की ये रणनीति आने वाले समय में कितनी कारगर साबित होगी साफ हो जाएगा।