छिंदवाडा: जिले में भाजपा नेताओं के बीच जिस तरह से तलवारें खिंची हुई है वह अब भोजन के टेबल तक पहुंच गई है। दरअसल हाल ही में एक जनप्रतिनिधि के निवास पर प्रदेश के नए अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भोजन के लिए आमंत्रित किए गए थे, वे पहुंचे भी, लेकिन भोजन की टेबल पर तमाम नेताओं की मौजूदगी के बीच पूर्व मंत्री और उनके किसी भी समर्थक की उपस्थिति देखने को नहीं मिली। कहा जा रहा है कि पूर्व में भाजपा नेता यहां पर भी प्रदेश सरकार के एक मंत्री का भोजन रखा गया था, उसमें भी जनप्रतिनिधि को आमंत्रित नहीं किया गया था, यही वजह रही कि प्नदेश भाजपा अध्यक्ष के भोज में पूर्व मंत्री नहीं पहुंचे। खबर है कि उन्हें आमंत्रित भी नहीं किया गया। सूत्रों की माने तो वहां कुछ वरिष्ठों ने भी भोजन किया लेकिन पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों में से किसी की एंट्री नहीं थी। बताया जा रहा है कि इस जनप्रतिनिधि के समर्थकों ने उन्हें न्यौता नहीं दिया। इन हालातों से साफ हो गया कि अब मामला भोजन के टेबल और आयोजनों तक पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार वर्तमान जनप्रतिनिधि इस कदर नाराज है कि वे किसी भी तरह से पूर्व मंत्री के मामले में समझौता करने तैयार नहीं है। हालांकि इस बात को लेकर न तो उनके समर्थक कुछ कहने तैयार है और न ही जनप्रतिनिधि स्वयं। उधर पूर्व मंत्री ने भी चुप्पी साध ली है। दोनो ही नेता अपना अपना पक्ष भी भोपाल में वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं के सामने रख भी चुके है, बावजूद इसका हल नहीं निकल सका। बहरहाल सार्वजनिक मंच से पहुंचकर गुटबाजी भोजन के टेबल और एक दूसरे को न्यौता देने तक पहुंच गई है।
निगम मंडल अध्यक्ष के लिए भी एकमत नहीं
सूत्रों का कहना है कि निगम मंडल अध्यक्ष को लेकर भाजपा की राय महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संगठन और सत्ता पक्ष ने उनकी राय के लिए उनसे बातचीत भी की थी लेकिन उन्होने कुछ नामों को लेकर इंकार कर दिया। यही वजह है कि जिले से किसे इस पद पर बैठाया जाएगा अभी साफ नहीं हो पा रहा है। सूत्र बताते है कि दो नामों पर विचार किया जा रहा है। सांसद और संगठन की हामी का इंतजार है। दोनों के बीच समन्वय बनते ही नाम तय कर दिया जाएगा। फिलहाल प्रदेश के दूसरे जिलों के भी यही हालात बताए जा रहे है।










