रंगनाथन पर खामोश एसआईटी, पुलिस ने भी अचानक बनाई दूरी, कहीं नौ दिन चले अढाई कोस वाला मामला तो नहीं, उठने लगे सवाल, चौबीस मौतों के बावजूद कुछ बडा खुलासा नहीं कर पाए अधिकारी

छिंदवाडा: जिले में हुई चौबीस मौतों के बाद पुलिस अधिकारियों ने एसआईटी का गठन इस सोच के साथ किया था कि पुलिस कुछ बडा करेगी। आरोपी रंगनाथन को रिमांड पर भी लिया गया, कहा जा रहा था कि पुलिस के अधिकारी जांच के बाद कुछ बडा खुलासा करेंगे। एसआईटी के अफसर जिस तरह से चेन्नई में पडताल कर रहे थे, उससे ये अनुमान भी लगाया जाने लगा था, कडी मेहनत के बाद टीम कुछ नया निकालेगी, लेकिन जो कुछ अब तक देखने को मिला है उसने संकेत दे दिए कि नौ दिन चले अढाई कोस का मामला सामने आ सकता है। यानी चेन्नई में एसआईटी की टीम रंगनाथन के ठिकाने से लेकर उसकी कंपनी तक की जांच करती रही लेकिन नतीजा सिफर ही नजर आया। जो कुछ सामने आ रहा है उसे औषधि विभाग की टीम ने खुलासे में बता दिया। जांच में कौन से बिंदु थे और इसमें क्या बडा निकलकर सामने आया है इसपर पुलिस पूरी तरह खामोश है। जरा सी चोरी पर पत्रकारों से चर्चा करने वाले अधिकारी खामोश है। एसआईटी तो इस तरह से पेश आ रही है मानों कुछ छिपाया जा रहा है। हालांकि ये उनके अधिकार क्षेत्र का मामला है लेकिन लोगों के मन में अभी भी पुलिस की जांच को लेकर संशय का माहौल बना हुआ है। कहा जा रहा है कि इस प्रकरण को हाई प्रोफाइल बनाने के प्रयास हुए है। बच्चों की मौत पर एसआईटी की जांच में क्या निकला इसपर खामोशी से अनुमान लगाया जा रहा है कि दस दिन की रिमांड कहीं बेकार साबित तो नहीं हुई। दस्तावेज हासिल करने से लेकर कंपनी की जांच और उसमें सामने आए बडे तथ्यों पर पूरे जिले में पुलिस की ओर नजरे लगी थी। फिलहाल इस बडे मामले में पुलिस की चुप्पी कब टूटेगी अभी कहना मुश्किल है लेकिन इतना जरुर है कि रंगनाथन दस दिनों तक पुलिस के साथ रहने के बाद अब जेल में जाने की तैयारी में है।