बिना घूमे ही लौटे विधायक, जो नहीं गए वे घर जाने की तैयारी में, भाजपा से संपर्क भी बेकार गए, बदलेगी कांग्रेस की राजनीति, मीनाक्षी के नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस समीक्षा में जुटेगी,

भोपाल: राज्यसभा चुनाव के चलते कांग्रेस जहां अपने विधायकों द्वारा की जाने वाली क्रास वोटिंग को लेकर परेशान थी, और उन्हें विशेष हवाई जहाज से कर्नाटक भेजा गया था, वहीं अब घूमने के लिए गए विधायक अब वापस लौट गए। जो विधायक पूरे दस दिन का प्लान करके पहुंच चुके थे उनकी योजना पर पानी फिर गया। जो नहीं गए वे इस बात से संतुष्ट है कि उन्हें बिना घूमे वापस तो नहीं लौटना पडा। हालांकि कांग्रेस के बडे नेता इस मामले में बेहद परेशान और नाराज है। उन्होने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि जो कुछ हुआ है वह भाजपा की तानाशाही के चलते ऐसा हुआ है। भाजपा जब पूर्व कांग्रेस की सरकार को गिरा सकती है तो फिर ये कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस के नेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के माथे पर भी सिकन नजर आई। गौरतलब है कि कांग्रेस जिस जोर शोर से तैयारी कर रही थी उससे ये माना जा रहा था कि मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा की सदस्य चुन ली जाएगी। बहरहाल कांग्रेस के नेता इस फैसले से सकते में है। अब वे इस फैसले को चुनौती देने का मन बना रहे है।

बदलेगी कांग्रेस की राजनीति

सूत्रों का कहना है कि अचानक लगे इस झटके के बाद कांग्रेस की रणनीति और राजनीति बदली नजर आ सकती है। दरअसल मीनाक्षी के नामांकन में जिस तरह से गलतियां की गई उसके लिए नेताओं को जिम्मेदार माना जा रहा है। खबर है कि कुछ नेता जिन्होने मीनाक्षी के नामांकन भरवाने से लेकर उनके साथ विधानसभा भवन जाने तक में भूमिका निभाई है उनपर आलाकमान की नजर है। कहा जा रहा है कि इसकी जानकारी भी कांग्रेस के इन नेताओं ने ही लीक करवाई है। हालांकि कांग्रेस के नेता इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते। बहरहाल कांग्रेस की राजनीति इस पूरे घटनाक्रम के बाद तेजी से बदलना तय माना जा रहा है। अब कांग्रेस एक बार फिर अनुभवी चेहरों को आगे कर सकती है।