भोपाल: कांग्रेस में इन दिनों संभावित कमजोर और दगाबाजों की सूची तैयार होने की खबरें है, जयचंद तलाशे जा रहे है, दरअसल पिछली बार जिस तरह से कांग्रेस के दिग्गजों ने पार्टी का साथ छोडा उसको लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ पूरी तरह सतर्क है और आगामी चुनाव को लेकर किसी तरह की कमी या कसर कसर छोडना नहीं चाहते, यही वजह है कि अभी से कांग्रेस नेताओं का लिटमस टेस्ट किया जाने लगा है। महत्वपूर्ण बात ये है कि इस टेस्ट से नेता पूरी तरह अनभिज्ञ है। पार्टी सूत्रों से मिली खबरों के अनुसार पूर्व सीएम और पूर्व सांसद ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी से चर्चा कर एक ऐसा जाल बुना था जिसमें जयचंदों के नाम सामने आने लगे। शुरुआती दौर में ये नाम कम थे लेकिन एक एक करके कारवां बढने लगा, इसके बाद से प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व सीएम और पूर्व सांसद को सतर्क कर दिया। बताया जा रहा है कि पूर्व सीएम और पूर्व सांसद ने योजनाबद्ध तरीके से जिले से कुछ समय के लिए दूरियां बनाई और फिर ये तय किया कि आखिर कौन कौन से ऐसे कांग्रेस नेता है जो प्रदेश की राह पकड सकते है। सूत्रों ने बताया कि कुछ नेता इस जाल में फंस गए। ये वे नेता है जो प्रदेश संगठन के पास सीधे पहुंचकर उनसे जुडने का संकेत देने लगे। हालांकि प्रदेश नेत्रत्व ने तमाम जानकारियां पूर्व सीएम और पूर्व सांसद के साथ साझा की है और उन्हें वह सूची सौंपी है जो चौकाने वाली है। बताया ये भी जा रहा है कि ये तमाम नाम ऐसे है जो भविष्य में मौका देखकर कांग्रेस को बडा नुकसान भी पहुंचा सकते थे, यही वजह है कि नाथ ने ये पूरा जाल बुना ताकि पूर्व में जिस तरह से नाथ के विश्वस्तों ने भाजपा का दामन थामा था अब वह स्थिति दोबारा निर्मित न हो सके। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूरी जानकारी दिल्ली आलाकमान से लेकर प्रदेश नेत्रत्व के पास है, वे भी ऐसे कांग्रेस नेताओं से खफा है।
नई टीम की तैयारी में नाथ
संभावित दगाबाज नेताओं को लेकर नाथ नई टीम की तैयारी कर रहे है। कहा जा रहा है कि जिले के अलग अलग स्थानों पर नए और भरोसेमंद चेहरों को आगे लाने की रणनीति तैयार हो रही है। पूर्व सीएम और पूर्व सांसद इस मामले मे बेहद सोच समझकर कदम उठा रहे है ताकि भविष्य में कांग्रेस को किसी तरह का नुकसान न उठाना पडे। सूत्रों ने ये भी जानकारी दी है संगठन में कसावट और नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने का दौर भी चलने लगा है। बदलाव में इसकी झलक भी नजर आने लगी है। हालांकि अभी और बदलाव होने की बात कही जा रही है। जो चेहरे सीधे भोपाल पहुंचकर अपेक्षाएं लगाए बैठे है उनकी सूची भी नाथ के पास प्रदेश संगठन ने सौंपी है, खबर ये भी है कि प्रदेश संगठन भी ऐसे नेताओं से आने वाले समय में किनारा करते नजर आ सकता है। बहरहाल नाथ के जाल में फंसे संभावित जयचंदों के लिए सबसे बडी परेशानी की वजह ये है कि अब वे किस ओर रुख करें।










