छिंदवाडा: विधानसभा चुनाव नजदीक है, कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल विधायक प्रत्याशी को लेकर तैयारी करने लगे है। जानकारों के अनुसार भाजपा एक सर्वे भी करवा रही है जो दावेदारी की कतार में खडे बडे नेताओं के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। सूत्रों की मानें तो इस सर्वे में ऐसे आम कार्यकर्ताओं से चर्चा की जा रही है जो विधायक पद के लिए दावेदारी करने के इच्छुक है। इसमें दस नाम सामने आ चुके है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से जिले में गुटबाजी का दंश झेल रही भाजपा इस प्रयोग पर काम कर रही है। हालांकि अभी इसमें अंतिम मुहर नहीं लगी है लेकिन सूत्र बतातें है कि भोपाल में इसपर चिंतन शुरु हो गया है। पार्टी का मानना है कि आम कार्यकर्ता को विधायक के लिए मौका देने पर दोनों ही गुट काम करेंगे। यदि भाजपा ने इस प्रयोग को लागू कर दिया तो उन नेताओं के अरमानों पर पानी फिर जाएगा जो विधायक बनकर मंत्री बनने का सपना संजो रहे है। इस मामले में छिंदवाडा आने वाले कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अनौपचारिक चर्चा में कुछ संकेत भी दिए है। बहरहाल इस प्रयोग को लेकर दावेदारों की कतार में खडे नेताओं के सामने उगलत निगलत पीर घनेरी वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। वे न तो इस प्रयोग को गलत बता रहे है और न ही सही। अब आगे क्या होगा, जल्दी ही सामने आ जाएगा।