• दीपक सक्सेना भी उहापोह की स्थिति में

छिंदवाडा: इन दिनों भाजपा खेमे के कुछ कार्यकर्ता और नेता इस लाईन को गुनगुनाते देखे जाए तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। दरअसल कुछ समय से कांग्रेस के नेताओं के भाजपा में आने से वे भाजपाई परेशान है जो मंच पर अतिथियों के साथ नजर आते रहे है,  पहले कभी अतिथियोंं के बाजू में बैठने वाले अब एक कुर्सी बाद में बैठने को मजबूर है। दरअसल ये हम इसलिए कह रहे है क्योंकि हाल ही में चौरई में आयोजित एक कार्यक्रम में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कार्यक्रम में मंत्री जी भी मौजूद रहे। कांग्रेस से भाजपा में आए एक नेता ने मंत्रीजी के बाजू वाली कुर्सी पहले ही पकड ली, बस फिर क्या था, भाजपा के एक बडे नेता इसे देखकर आंखे तरेरने लगे। हालांकि उन्होने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन मंच से जरुर इस नेताजी के बारे में व्यंग्यात्मक लहजे में अपनी बात रख दी। जो कुछ वे बोले वहां मौजूद भाजपाई समझ भी गए थे। कुछ ने अपना रिएक्शन दिया तो कुछ खामोश नजर आए। ऐसा होना इसलिए भी लाजमी है कि जिस तरह से कांग्रेस नेताओं की भीड वहां पहुंच रही है, भाजपा के कार्यकर्ता और दूसरे नेता परेशान होते नजर आने लगे है। चारों ओर इन नेताओं का बोलबाला नजर आ रहा है। खैर– ये भाजपा का अपना मामला है। उधर कांग्रेस भी इस बात को लेकर परेशान है कि पलायन करने वालों पर विराम कैसे लगाया जाए। ये केवल एक जिले में नही बल्कि पूरे प्रदेश में चल रहा है। कांग्रेस की ये स्थिति पहले कभी नहीं हुई। बहरहाल लोकसभा चुनाव में कांग्रेसमय हुई भाजपा के कुछ नेता इस बात से खुश भी है कि पार्टी की स्थिति मजबूत हो रही है। इसमें कितनी सच्चाई है ये आने वाले समय में नतीजों में दिखाई पडेगा।

  • एक तरफ जय, अजय के बीच उलझ रहे दीपक

कांग्रेस के बडे नेता दीपक सक्सेना को लेकर इन दिनों चर्चाओं का बाजार गरमाया हुआ है। कुछ कह रहे है वे भाजपा में जाऐंगे तो कुछ नें इससे इंकार किया। पूरी सरकार रोहना में पहुंचने के बावजूद उनका फिलहाल इस ओर विचार न बना पाना इस बात के संकेत देने लगा है कि वे अपने दोनों बेटों को लेकर उहापोह की स्थिति में है। दरअसल एक बेटा भाजपा का दामन थाम चुका है तो दूसरा पुत्र कांग्रेस और कमलनाथ का साथ न छोडने की बात कह चुका है। ऐसे हालातों में दीपक सक्सेना इस बात से परेशान है कि वे किस ओर जाएं। उनके कुछ समर्थकों की मानें तो वे दोनों के साथ रहना चाहते है और ऐसे में वे खामोश बने रहेंगे।