छिंदवाडा: विधानसभा चुनाव में भाजपा की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही। हालात ये है कि पार्टी के नेता अपनों के ही खिलाफ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर खम ठोकने में लग गए है। लगातार कांग्रेस ज्वाईन करते बडे नेता इस बात का संकेत भी दे रहे है। जानकारों का कहना है कि पार्टी लाईन का कोई भय बागी हो रहे नेताओं को नहीं रहा। दरअसल लंबे समय से इन नेताओं को किनारे किया जा रहा है, वरिष्ठों की पूछ परख कम हो गई है, जिसके चलते ये नेता पार्टी से बेहद खफा है और अब समझने तैयार नहीं है। ऐसा एक नजारा छिंदवाडा में भी कल नजर आया जहां पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रभान सिंह ने अपना जन्मदिन पूरे जोर शाेर से मनाया, इस दौरान आयोजन स्थल पर बडी संख्या में उनके समर्थक मौजूद रहे। जन्मदिन पर संगठन के किसी नेता उनके यहां शिरकत नहीं की। इतना ही नहीं चंद्रभान सिंह के समर्थकों ने जो पोस्टर लगवाए थे उसमें भी भाजपा जिलाध्यक्ष और उनसे जुडे नेताओं को जगह नहीं दी गई थी, खैर,,,कहा ये जा रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश भर के दर्जनों नेता कांग्रेस पार्टी ज्वाईन कर सकते है जो भाजपा से खफा है। इसमें महाकौशल से लेकर मालवा और विंध्य का क्षेत्र शामिल है। खबरों के अनुसार पार्टी के संगठन से इन नेताओं की नाराजी लगातार बढ रही है। यही वजह है कि ये नेता अब खुलकर प्रदर्शन और बयानबाजी करने से नहीं चूक रहे।
- डर हुआ खत्म
भाजपा नेताओं को पार्टी की कार्रवाई का डर लगभग खत्म हो गया है। पूरे प्रदेश में ऐसे कई नेता है जो या तो खुलकर बयान दे रहे है या फिर सार्वजनिक होकर पार्टी लाईन से हटकर काम कर रहे है। सूत्रों की मानें तो इन दिनों ये दौर तेज हो गया है। ये नेता दबी जुबां से ये कहते नजर आ रहे है कि पहले ही हमें साईड लाईन कर दिया गया है और आने वाले समय में भी हमें महत्व मिले इसकी संभावना नहीं है तो ऐसे में इस रास्ते के अलावा कोई और रास्ता नहीं। कुछ क्षेत्र तो ऐसे है भाजपा के बडे नेता ही इसे बढावा दे रहे है। बहरहाल चुनाव के चलते बढ रही भाजपा की इस मुश्किल से ये तय हो गया है कि आने वाला समय भाजपा के लिए परोशानी वाला होगा।










