छिंदवाडा: एक बार फिर परतला में किसानों ने यूरिया को लेकर हंगामा किया। सुबह शुरु हुआ हंगामा चकाजाम तक पहुंच गया। किसान अधिकारियों और वहां मौजूद कर्मचारियों से लगातार बहस और व्यवस्था बनाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन जब बात नहीं बनी तो वे धरने पर बैठ गए और चका जाम कर दिया। मामले को बिगडता देख वहां पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए थे। किसानों को समझाइश देने का दौर शुरु हुआ, लेकिन किसान मानने तैयार नहीं थे। इसकी सूचना जब कांग्रेस के नगर निगम अध्यक्ष सोनू मागो को लगी तो आनन फानन अपने कुछ समर्थकों के साथ किसानों के बीच जा पहुंचे। पहले तो उन्होने किसानों से बात की और बाद में अफसरों से चर्चा शुरु की। हालात यहां तक पहुंच गए थे कि सोनू मागो के तेवरों को देखते हुए अधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई तक की धमकी दे दी, मामला यहीं नहीं रुका निगम अध्यक्ष भी आक्रामक हो गए और व्यवस्था बनाने तक वहीं डटे रहने के लिए कह दिया। लगातार चलती बहस के बीच वहां मौजूद अफसरों ने व्यवस्था बनाई और किसानों की अपेक्षा के अनुरुप यूरिया देना शुरु किया। ऐसा पहली बार हुआ जब कांग्रेस के किसी नेता ने मौके पर किसानों के बीच दस्तक दी हो। इसके पहले जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण इलाकों में पहुंचे थे, लेकिन शहर में किसी नेता ने यूरिया को लेकर ऐसी आक्रामकता नहीं दिखाई।
कांग्रेस नेताओं ने जारी किया प्रेस बयान
इन सबके बीच कांग्रेस नेताओं ने प्रेस बयान जारी किया है। यूरिया की बढती समस्या को लेकर जारी किए गए प्रेस बयान में प्रशासन को चेतावनी दी गई है। हैरानी की बात ये है कि सुबह से शुरु हुई किसानों की हलचल के बावजूद किसी वरिष्ठ नेता ने यहां आना उचित नहीं समझा। न तो शहर की कांग्रेस ने इसकी जरुरत समझी और न ही शहर में मौजूद दूसरे नेताओं ने किसानों की सुध ली, नगर निगम अध्यक्ष सोनू मागो के तकरीबन तीन घंटे के संघर्ष के बाद स्थिति सामान्य हुई। इस बीच किसानों ने उनका आभार भी माना। बहरहाल आने वाली बीस अगस्त को किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस आंदोलन करने जा रही है।, इसके पूर्व यदि यूरिया जैसे मामले में किसानों को हो रही परेशानियों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की प्रेस बयान जारी करने तक रहने की कार्यशैली ने उनपर सवाल खडे करने का काम किया है।










