कमिटमेंट की कहानी कहेंगे कांग्रेस से भाजपा में आए नेता, प्रदेश अध्यक्ष के सामने पुरानी बातों का क्यों होगा जिक्र, दल बदल वाले नेताओं की पीडा पर प्रदेश अध्यक्ष आज दे सकते है जवाब, पार्षद से लेकर राजा तक पावर के इंतजार में,,,

छिंदवाडा: लोकसभा चुनाव में जिस तेजी से कांग्रेस नेताओं के बीच भगदड मची, उससे लगने लगा था कि आने वाले समय में ये कांग्रेस के नेता ही भाजपा को चलाऐगे। चुनाव होने के बाद धीरे धीरे परिस्थितियां साफ होती गई। दल बदलने वाले प्रभावी पार्षदों को सभापति बनाने का किया गया कमिटमेंट फेल हो गया, जिनके सहारे पार्षदों ने पार्टी बदली थी अब वे उन नेताओं को ही कोस रहे है। यही हालात उन नेताओं की भी है जो बडे पद की आस में पार्टी को बदलकर भाजपा में चले गए। वे भी कहीं न कहीं भाजपा के बडे नेताओं की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे है। हालांकि एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है किसी को कुछ हाथ नहीं लगा। कहा जा रहा है कि भाजपा पुराने नेताओं को पहले संतुष्ट करेगी। यानी जो विधायक प्रत्याशी की कतार में था और उनका टिकिट काटा गया है, पहले ऐसे नेताओं को निगम मंडल में जगह मिलेगी। आर एसएस ने भी इस मामले में हामी भरी है। इसके अलावा मंत्री मंडल के विस्तार को लेकर भी खबरें जोर पकड रही है। राजा को उम्मीद है कि कहीं न कहीं एडजस्ट की राजनीति में वे फिट हो जाऐंगे, लेकिन भोपाल के सूत्र इसकी संभावना नहीं के बराबर बता रहे है। उधर आज प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल छिंदवाडा आ रहे है, संभावना है कि ये तमाम पीडित नेता अपना पक्ष उनके सामने रखेंगे। पहले ये कयास लगाए जा रहे थे कि पुराने प्रदेश अध्यक्ष की सहमति नहीं होने से ऐसा हो रहा है लेकिन अब सब कुछ नया है, इसी उम्मीद के साथ ये नेता प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर सकते है। अब ये अलग बात है कि नए अध्यक्ष इस मसले पर क्या राय रखते है और क्या जवाब आएगा।

संगठन की कार्यकारिणी को भी मिल सकती है हरी झंडी

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संगठन की कार्यकारिणी को भी हरी झंडी दे सकते है। बताया जा रहा है कि भाजपा के अध्यक्ष शेषराव यादव ने कार्यकारिणी बना ली है उसे भेजा भी जा चुका है लेकिन प्रदेश से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण जारी नहीं किया जा सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण पद महामंत्री का है, तीन नेताओं को इसमें शामिल किया जाना है। इस पद की दौड को लेकर सबसे ज्यादा मशक्कत की जा रही है। खबर है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से बातचीत के बाद नाम तय कर दिए जाऐंगे और पूरी कार्यकारिणी भी जारी की जा सकती है।