छिंदवाडा: कांग्रेस बिहार में हुई करारी शिकस्त को लेकर परेशान थी, चिंतन का दौर चल रहा था, कांग्रेस नेताओं के माथे पर सिकन नजर आने लगी थी। पूरे देश के दिग्गज कांग्रेस नेता इस बात की चिंता कर रहे थे कि आखिर ये सब हुआ कैसे, इन सबके बीच परासिया में विधायकजी अपने कार्यकर्ता और महिलाओं के बीच ठुमके लगा रहे थे। इसका विडियो भी वायरल हुआ है। दरअसल वहां पर इस तरह के जश्न न मनाने के पीछे दूसरा एक और कारण भी था, वहां पर चौबीस बच्चों ने कफ सिरप कांड में दम तोड दिया था। पूर्व सीएम और पूर्व सांसद दोनों ने अपनी संवेदनाएं जाहिर की थी, किंतु इसका असर परासिया के कांग्रेस नेताओं पर कितना पडा है वह सामने आए विडियो और जश्न की तस्वीरों ने साफ कर दिया है। कांग्रेस के इस आयोजन को लेकर अब तरह तरह की चर्चाएं चल रही है। बताया ये भी जा रहा है कि मामले में पूर्व सीएम और पूर्व सांसद ने जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों से चर्चा भी की है। कुछ समय पहले परासिया क्षेत्र में 24 बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। कांग्रेस के स्थानीय विधायक ने इसको लेकर भाजपा सरकार को घेरा भी था। उन्होने कहा था कि वे दीपावली नहीं मनाऐंगे। पूरे तरीके से गमजदा ये विधायकजी नजर आ रहे थे। पूर्व सीएम कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ ने भी साफ तौर पर कहा था कि वे इस तरह की घटना से आहत है और दीपावली को पूरी सादगी से मनाना चाहिए। उनके इस संदेश का असर जिले में तो नजर आया लेकिन परासिया में चंद दिनों बाद जो हुआ उसका विडियो आने के बाद विधायकजी की अपनी अपनी ढफली अपना अपना राग वाली कहावत चरितार्थ होती नजर आई। एक विडियो वायरल किया गया, इसमें विधायकजी अपने कार्यकर्ताओं और महिला नेत्रियों के साथ ठुमके लगाते दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि ये विडियो परासिया के जिलहरी घाट का है। इसमें वे तमाम नेता और नेत्रियां नजर आ रही है जो विधायकजी के कहने से वहां पहुंची थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस तरह के आयोजन को करवाकर कांग्रेस ने पूरे इलाके में अपनी किरकीरी करवा ली है। अब इसकी चर्चा चारो ओर चल रही है। इस आयोजन को लेकर जरुरत क्या पडी, इसे क्यों करवाया गया, इसके पीछे भी अजीब सी कहानी है। दरअसल हर साल परासिया में विधायकजी इस तरह का आयोजन करते है। इसमें भाषणबाजी के साथ साथ भोज होता है, कार्यकर्ता मन की बात कहते है। इस बार भी इस आयोजन को करवाने का निर्णय विधायकजी ने ले लिया। इसके बाद तैयारियां शुरु हुई। वे इस बात को भूल गए कि आखिर उन्होने दीपावली न मनाने का निर्णय लिया था, फिर वे ये सब कैसे कर सकते है।
मुख्यालय के नेता भी हो गए शामिल
इन सबके बीच परासिया में हुए इस आयोजन को लेकर मुख्यालय के बडे नेताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी। हैरान करने वाली बात ये रही कि उन्हें भी इस बात का भान नहीं रहा कि आखिर इसे रोका जाना चाहिए। खबर है कि तस्वीरों और विडियो में शामिल नेताओं की सूची भोपाल में मंगवाई गई है। पार्टी अनुशासन से हटकर इस तरह का काम करके विधायकजी फस गए है। हालांकि उनके समर्थक इससे कोई इत्तेफाक नहीं रखते। गौरतलब है कि इस दौरान शामिल नेताओं ने भी अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल की है। इसमें वे जिम्मेदार नेता नजर आ रहे है जो पदों पर आसीन है। कुछ ने तो बकायदा विधायकजी के इस आयोजन की तस्वीरें अपने स्टेटस भी साझा की थी। सूत्र बताते है कि हो सकता है कि आने वाले समय में ऐसे नेताओं पर गाज गिरे या फिर इन्हें हिदायत दी जाए।










