छिन्दवाड़ा:जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने मप्र के मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि जिस भाषा और शब्दों का उपयोग उन्होंने किया है वह अमर्यादित और अशोभनीय है। जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। सीएम मोहन यादव द्वारा जीतू पटवारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ की गई टिप्पणी स्वच्छ राजनीति के लिए अच्छा संकेत नहीं है। प्रदेश के सर्वोच्च पद पर रहते हुए ऐसी भाषा का प्रयोग करना सीएम को शोभा नहीं देता। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। सीएम के द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर दिया गया बयान किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं बल्कि संगठन पर किया गया निंदनीय भाषाई प्रहार है,विपक्ष का कार्य है कि वह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाए, लेकिन इससे सत्ता पक्ष या फिर सीएम को बुरा लगे तो निश्चित ही इसका सीधा अर्थ यह है कि वे जनता के बीच घटते जनाधार से घबरा चुके हैं और अपनी हताशा को भाषा की मर्यादा तोड़कर निकाल रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लगातार प्रदेश के किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और आम जनता की आवाज़ बने हैं। शायद यही बात सत्ता में बैठे लोगों को असहज कर रही है। लेकिन याद रखिए, विपक्ष की आवाज़ को अपशब्दों से दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर श्री जीतू पटवारी के साथ खड़े हैं। हम मुख्यमंत्री जी से मांग करते हैं कि वे अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और अपने पद की गरिमा के अनुरूप आचरण करें। मध्य प्रदेश की राजनीति को शालीनता, जवाबदेही और जनसेवा की आवश्यकता है, न कि अहंकार और अपमान की। कांग्रेस प्रत्येक कार्यकर्ता इस अपमान का लोकतांत्रिक और राजनीतिक जवाब देगा। जनता सब देख रही है और समय आने पर अहंकार का उत्तर भी देगी।










