भोपाल: कांग्रेस ने अपने विधायकों को सहेजकर रखने का काम तेज कर दिया है। राज्यसभा में भले ही पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित न किया हो लेकिन विधायकों को भोपाल बुलाकर उन्हें परखने की प्रक्रिया को अंजाम देने की तैयारी कांग्रेस कर चुकी है। खबरों के अनुसार विधानसभा में सचेतक रहे सोहन वाल्मिकी ने सभी विधायकों को पत्र लिखकर 6 को उनकी उपस्थिति अनिवार्य बता दी है। बैठक में प्रदेश प्रभारी के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी रहेगी। खबर है कि इस दौरान विधायकों को न केवल राज्यसभा की तैयारियों को लेकर समझाया जाएगा बल्कि उनके विचार भी लिए जाऐंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस को इस बात का भय सता रहा है कि कहीं भाजपा उनकी पार्टी को एक बार फिर डेंट न लगा दे। पूर्व में कुछ राज्यों में भाजपा इसमें सफल भी हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो बैठक में पूर्व सीएम कमलनाथ की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण होगी। उनका नाम उम्मीदवारी में सबसे आगे बताया जा रहा है, जबकि दिग्विजय सिंह के नाम को भी दिल्ली भेजे जाने की खबर है। उधर कहा ये भी जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी अपने लिए गुपचुप तरीके से प्रयास कर रहे है। फिलहाल कांग्रेस में राज्यसभा को लेकर हलचल तेज है जबकि भाजपा उनके प्रत्याशी की घोषणा का इंतजार कर रही है।
भाजपा ने नहीं खोले अपने पत्ते
भाजपा ने भले ही दो सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हो लेकिन तीसरी सीट पर अपनी रणनीति सार्वजनिक नहीं की है इससे कांग्रेस की बेचैनी और बढ गई है। बताया जा रहा है कि इस सीट के लिए भाजपा ने एक नाम तैयार रखा है, उस नाम की घोषणा कांग्रेस प्रत्याशी के नाम के उजागर होने के बाद की जा सकती है। भाजपा को पूरी उम्मीद है कि वह कांग्रेस के पांच से दस विधायकों को अपने पक्ष में कर सकती है। इसी खौफ से कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट करके उन्हें समझाईश देने की तैयारी में है।










