कांग्रेस में प्रत्याशी चयन के जिम्मेदार होंगे कटघरे में, राजू की पराजय का ठीकरा किसपर, भाजपा परासिया में करेगी मंथन, पराजय से संगठन पर सवाल

छिंदवाडा: छिंदवाडा के वार्ड चुनाव में कांग्रेस को पराजय का सामना करना पडा, उधर परासिया में भाजपा को झटका लगा, दोनों ही दल अब अपनी अपनी पराजय को लेकर चिंतन करने में लगे है। भाजपा की परासिया में हार को लेकर जहां संगठन पर सवाल खडे हो रहे है वहीं छिंदवाडा में अपनी पराजय से कांग्रेस बेहद गंभीर है। यहां पर जिन लोगों ने प्रत्याशी के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उनपर सवाल खडे हो रहे है। कहा जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ इस मामले में जानकारियां जुटा रहे है। सूत्रों का कहना है कि इस वार्ड में बडी संख्या में भीतरघातियों के नाम सामने आए है जो पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद को भेजे गए है। बताया ये भी जा रहा है कि गुलाबरा में एक बडा तबका श्रेय की राजनीति करने में लगा था और यही वजह थी कि यहां भाजपा ने इसका पूरा फायदा उठाया। भाजपा का प्रत्याशी चयन भी कांग्रेस की पराजय का एक बडा कारण बताया जा रहा है।

  • अंतिम दो दिन जन्मदिन के जश्न ने फेरा पानी

राजनीति की बात में पहले भी इसका उल्लेख हो चुका है कि जिस समय चुनाव का महत्वपूर्ण समय था उस दौरान कांग्रेस का एक बडा तबका भैया के जन्मदिन की तैयारियों में जुट गया था। ऐसे में वार्ड खाली छोड दिया गया। जन्मदिन की तैयारियों में वो नेता लगै थे जो गुलाबरा की जिम्मेदारियां लिया करते थे। जबकि जिन लोगों को प्रभार दिया गया था वे लगातार काम कर रहे थे जबकि गुलाबरा के विषय में कोई विशेष जानकारी उनके पास नहीं थी बावजूद इसके किसी तरह से नाथ के निर्देशों पर वे काम में लगे थे। ये एक बडी वजह पराजय की बताई जा रही है।

  • काम नहीं आया भैया का जनसंपर्क

कहा जा रहा था कि गुलाबरा में प्रत्याशी चयन भैया की मंशा से हुआ, भैया ने वार्ड में सघन जनसंपर्क भी किया। जनसंपर्क के दौरान उनके समर्थकों ने दंभ भी भरा कि भैया के दौरे ने सब कुछ ठीक कर दिया लेकिन नतीजों ने सब कुछ साफ कर दिया। दरअसल वार्ड के जिम्मेदार नेताओं ने रायशुमारी की ही नहीं गई और नाम तय कर दिया गया। खबर ये भी है कि जिन लोगों को वार्ड में नाथ ने जवाबदारी दी थी उन्हें जीत का श्रेय न मिले इसको लेकर दूसरे गुट ने रणनीति बनाई और काम शुरु कर दिया। जानकार ये भी बताते है कि प्रबंधन में स्थानीय कुछ नेताओं ने जमकर गडबडी की और अपना हित देखा। उधर इस पराजय को लेकर पूरी रिपोर्ट पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ को भेजी जाएगी।

  • नगर कांग्रेस पर सवाल

चुनाव के नतीजों में नगर कांग्रेस पर सवाल खडे होना लाजमी है। दरअसल नगर कांग्रेस की भी प्रत्याशी चयन में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। खबर है कि नगर कांग्रेस ने ही जीत का जिम्मा भी लिया था लेकिन यदि नतीजा उल्टा हुआ तो जिम्मेदार नगर कांग्रेस को  न ठहराया जाए इसको लेकर नगर निगम के पदाधिकारियों को प्रभारी बना दिया गया। इन हालातों अब हार को लेकर चर्चाएं शुरु हो गई है। उधर नगर कांग्रेस में बदलाव को लेकर एक बार फिर मांग और चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है। अब देखना है कि पराजय को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ क्या रुख अपनाते है।