भोपाल: निगम मंडल की नियुक्तियों की आस में बैठे भाजपा नेताओं का इंतजार और लंबा हो सकता है। दरअसल इन दिनों सरकार और संगठन के बीच आयोगों के अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर विचार विमर्श चल रहा है। सूत्रों के अनुसार कई आयोग बिना अध्यक्ष के है और इनका कामकाज प्रभावित हाे रहा है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए पहले आयोगों के अध्यक्ष तय किए जा रहे है। इसमें सबसे पहले महिला आयोग के अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति की जानी है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने इस पद पर शोभा ओझा को नियुक्त किया था, उनके हटाए जाने के बाद इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि निगम मंडल के लिए पहले ही नाम मांगे जा चुके है, हालांकि मामला अभी अटका हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद आयोग की नियुक्ति को हरी झंडी दी जा सकती है, इसके बाद निगम मंडल और अन्य नियुक्तियों को लेकर मंथन होने की संभावना जताई जा रही है। यहां उल्लेखनीय है कि निगम मंडल को लेकर भाजपा के पूर्व नेता और कांग्रेस से भाजपा में आए कई नेताओं को इंतजार किया जा रहा है।
- जिले से नेताओं को आस
उधर निगम मंडल के अध्यक्ष को लेकर इंतजार में बैठे जिले के नेता एक बार फिर निराश होंगे। हालांकि जिले में हलचल पिछले दिनों तेज हो गई थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आयोग में जिले से किसी को मौका मिल सकता है। सूत्रों का कहना है कि जो आयोग इन दिनों खाली है उनमें मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, सामान्य निर्धन वर्ग आयोग, मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग मुख्य रुप से शामिल है। इसके अलावा महिला आयोग में भी नियुक्ति की जानी है। बहरहाल आयोग की नियुक्ति को लेकर भी जिले के नेताओं की निगाहें लगी हुई है। नियुक्तियां कब होंगी ये बात आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगी।










