छिंदवाडा: कांग्रेस ने एक बार फिर पुराने चेहरों पर दांव लगाया है। युवा नेता जमकर नाराज है। जिस तरह से नियुक्तियां की गई है उसने साफ कर दिया है कि दूसरी पंक्ति के नेताओं को कांग्रेस के स्थानीय नेता आगे लाने से परहेज कर रहे है। नगर निगम से लेकर तमाम नियुक्तियों से युवा नेता जमकर चिढे हुए है। हालात ये है कि अब बैठकों में इसका असर नजर आने लगा है। सूत्रों के अनुसार एक पार्षद ने तो जिले के दो वरिष्ठ नेताओं को जमकर खरी खोटी सुनाई और किसी भी आंदोलन या फिर बैठकों में भाग लेने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि हाल ही में अध्यक्ष के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तमाम कांग्रेसी पार्षदों में एकजुटता दिखाई दी थी। बताया ये भी जा रहा है कि संगठन में एक ही व्यक्ति को जिस तरह से महत्व दिया गया है उसने भी नेताओं को नाराज कर दिया है, ऐसे में भाजपा से लडना आसान नहीं होगा। भाजपा इन दिनों वैसे भी बेहद आक्रामक है, इसके बावजूद पुराने चेहरों पर दांव लगाकर कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अभी नए और उर्जावान चेहरों को आगे लाने के मूड में नहीं है। कुछ चेहरों ने तो इसका खुला विरोध भी कर दिया है। खबर ये भी है कि आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर नजर आएगा।
- मुद्दों पर नजर आती है कांग्रेस की थकान
कांग्रेस अक्सर अलग अलग मुद्दे उठाती रही है, मुद्दे उठाने के तरीकों को देखकर साफ नजर आता है कि नेताओं में थकान है। केवल ज्ञापन देकर विरोध दर्ज करवाने वाले ये नेता सडकों पर यदा कदा ही नजर आते है। हालात ये है कि भाजपा ही विरोधी दल की भूमिका में दिखाई देती रही है। भाजपा ने हाल ही में कुछ मुद्दे जो कांग्रेस के थे उसे अपने पाले में ले लिया और कांग्रेस को हाथ मलने से संतोष करना पडा। पत्रकार पर हमला वाले मामले में सांसद विवेक बंटी साहू पहले पहुंच गए, दूसरे दिन कांग्रेस के नेता वहां पहुंचे। इसी तरह शहर और जिले की समस्याओं पर कांग्रेस के संगठन के नेताओं की खामोशी साफ दिखाई देती रही है। हालात ये है कि उर्जावान नेताओं की अनुपस्थिति से कांग्रेस के कार्यकर्ता भी परेशान होने लगे है। बहरहाल यदि कांग्रेस में ऐसा ही चलता रहा तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आने वाले समय में पार्टी युवा और दूसरी पंक्ति के नेताओं को भी खो देगी।










