भोपाल: कांग्रेस के दिग्गज नेता संगठन को लेकर जमकर नाराज है। इन नेताओं ने अपनी नाराजगी भी मुखर होकर जाहिर कर दी है। बताया जा रहा है कि इन नेताओं से बिना चर्चा किए हो रही नियुक्तियों की वजह से ऐसे हालात बने है। इन नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भी शामिल है। इसके अलावा मीनाक्षी नटराजन ने भी इन दोनों नेताओं के सुर में सुर मिलाए है। जानकार बताते है कि ये हालात लंबे समय से बने हुए है। कांग्रेस के इन दिग्गज और वरिष्ठ नेताओं की नजरअंदाजी की वजह से हालात ये हो गए है कि हाल ही में हुई प्रवक्ताओं की नियुक्तियों को रद्द करना पड गया। हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इसके पीछे कुछ और तर्क दे रहे है। सूत्र बताते है कि पिछले दिनों पूर्व सीएम कमलनाथ भोपाल में आयोजित धरना कार्यक्रम में पहुंचे थे, उन्होने वहां पर भी कुछ नेताओं से इस मामले में चर्चा की थी, बावजूद इसके संगठन में नियुक्तियों का दौर चलता रहा। अब इन नेताओं के मुखर होने से पार्टी आलाकमान के भी कान खडे हो गए है। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने वरिष्ठ नेताओं से चर्चा भी की है। गौरतलब है कि पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह लंबे समय से संगठन के कार्यक्रमों में कम नजर आ रहे है। यही वजह है कि उनके समर्थकों ने नाराजगी जताना शुरु कर दिया था।

  • बैठकों की सूचना तक नही

बताया तो ये भी जा रहा है कि प्रदेश संगठन इन नेताओं को बैठकों की कोई सूचना नहीं देता। इसकी जानकारी पार्टी आलाकमान को हाल ही में भेजी गई है। पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की प्रदेश में बडी पैठ है। उनके समर्थकों की संख्या भी अच्छी खासी है। ऐसे हालातों में उन्हे नजरअंदाज करना परेशानी वाला साबित हो सकता है। वैसे भी कांग्रेस इस समय बुरे दौर से गुजर रही है, इसके बावजूद इन वजनदार और कद्दावर नेताओं की नाराजगी कांग्रेस के लिए और मुसीबत बढाने वाली होगी। फिलहाल आलाकमान ने संकेत दिए है कि इन नेताओं से चर्चा कर सब कुछ ठीक कर लिया जाएगा।