भोपाल: प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के सांसद दिग्विजय सिंह ने भाजपा को एक बार फिर आडे हाथों लिया है। भाेपाल में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एमपी सरकार पुजारियों के साथ अन्याय कर रही है। इस सरकार में पुजारी खासे परेशान है। जो सुविधाएं उन्हें दी जा रही थी वह अब नहीं मिल रही। दिग्विजय सिंह ने इस दौरान कांग्रेस की कमलनाथ सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उनके समय पुजारियों को वेतनमान के साथ साथ कई तरह की सुविधाएं भी दी जा रही थी लेकिन अब पुजारी परेशान हो रहे है। जो सरकार धर्म के नाम पर सत्ता में आई है वह अब धार्मिक स्थलों की जमीनों को नीलाम करने का काम कर रही है। उन्होने उज्जैन के मंदिरों में आने वाले चढावे का जिक्र करते हुए कहा कि जो कुछ यहां आ रहा है उसका उपयोग मंदिर के रखरखाव में नहीं किया जा रहा है, जबकि ऐसा होना चाहिए। मंदिर के रखरखाव का पैसा कलेक्टर और एसडीएम के खाते में जमा हेाता है लेकिन उसे निकालने की जब बात आती है तो वे हस्ताक्षर नहीं करते। ऐसे कई मामले सामने आ चुके है। ट्रस्ट के मंदिरों के यही हाल है। प्रशासनिक अधिकारी इसमें अपनी मनमानी करते रहते है। गुना में भी इसी तरह का मामला सामने आया है।
सुप्रीम कोर्ट का दिया हवाला
उन्होने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मंदिर की जमीन स्थापित इष्टदेव की है। देवता के नाम दर्ज भूमि को नीलाम नहीं किया जा सकता, लेकिन कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। एमपी सरकार खुलकर इसका उल्लंघन कर रही है। ऐसे कई मंदिर है जहां की जमीन को नीलाम किया जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि जो जमीन का धंधा कर रहे है वे मुझपर सीधे आरोप लगा रहे है। मुझे दूसरे धर्मों का हितैषी करार दिया जा रहा है। प्रदेश के पचास हजार से ज्यादा पुजारियों के साथ कुठाराघात सरकार कर रही है। मैं प्रदेश के पुजारियों के साथ हुं। श्री सिंह ने राम मंदिर में प्रवेश करने की बात को लेकर भी अपने विचार व्यक्त किए।









