छिंदवाडा: सौंसर और पांढुर्णा इन दिनों नेताओं के बयानों से गरमा रहा है। कुछ दिन पहले कांग्रेस विधायक विजय चौरे ने पांढुर्णा में किसानों की रैली को लेकर जमकर मोहोड परिवार को लेकर जमकर जहर उगला। बात यहां तक पहुंच गई कि मंच से मोहोड परिवार पर शराब माफिया से लेकर रेत माफिया तक के आरोप जडे गए। रैली खत्म हुई। इस पूरे भाषण को सुन रहे भाजपा नेताओं ने भी अपना गुस्सा जाहिर किया और शुक्रवार को एक जनआक्रोश रैली आयोजित कर दी। इसमें भाजपा के वे तमाम चेहरे नजर आए जो सौंसर और पांढुर्णा के बडे पदों पर आसीन है। छिंदवाडा से भी भाजपा के नेता वहां पहुंचे। फिर शुरु हुआ आरोपों के जवाब देने का सिलसिला। एक एक करके वक्ता भाषण देते नजर आए। सभी के वक्तव्यों का एक ही सार था कि विधायक चौरे ने जो कहा है वह मर्यादा भू रहे है।
मर्यादा में रहे विधायकजी, हमारे पास भी चिट्ठा है
इस दौरान भाजपा के एक प्रभावशाली नेता ने यहां तक कह दिया कि कांग्रेस के विधायकजी मर्यादा में रहे। हमारे पास भी चिट्ठा है। नेताजी ने यहां तक कह दिया कि जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे है वे दुर्भावना से प्रेरित है। भाजपा के पांढुर्णा और सौंसर के जिलाध्यक्षों ने भी विधायक विजय चौरे को जमकर घेरा। उन्होने यहां तक कह दिया कि यदि भाजपा के नेता कोई गलत काम कर रहे है तो पुलिस उनपर कार्रवाई कर रही है। पुलिस भी तो भाजपा सरकार की ही है। नेताओं ने यहां तक कह दिया कि विधायकजी यदि नहीं सुधरे तो वे भी इसका जवाब उन्हीं के अंदाज में देने से नहीं चूकेगें। इस सभा में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अलावा युवा नेताओं की भी मौजूदगी रही। सभा में बडी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
अचानक क्यों आक्रामक हुए विधायकजी
कांग्रेस की सभा में जिस तरह से विधायक विजय चौरे ने आक्रामक रुख दिखाया है, उसको लेकर कई तरह की चर्चाएं चलने लगी है। कहा जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से रेत और शराब को लेकर कांग्रेस विधायक खासे नाराज है। उनकी नाराजगी अक्सर भाषणों में नजर आने लगती है। इस नाराजगी ने विस्फोटक रुप हाल ही में हुए किसान आंदोलन में ले लिया। कांग्रेस के कुछ नेता विधायकजी के भाषणों की समीक्षा करते नजर आ रहे है। फिलहाल विधायक विजय चौरे के रुख को लेकर पूरे जिले में तरह तरह के कयास लगाए जाने लगे है।










