बरसात आते ही शुरु हो जाएगी दिग्विजय सिंह की यात्रा पालिटिक्स, एमपी में काफिले के साथ होगा दौरा, अधिकांश विधानसभा में पहुंचने नक्शा तैयार, नाथ ने भी खींचा खाका, चुनाव के दो साल पहले कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का प्लॉन,,

भोपाल: प्रदेश में दिग्विजय सिंह का एमपी प्लॉन सामने आया है। सूत्रों के अनुसार श्री सिंह गर्मी के कम होते ही यानी बरसात की शुरुआत में एक बडी यात्रा की तैयारी में है। पूरे प्रदेश की लगभग आठ सौ पंचायतों तक उनका काफिला पहुंचेगा, यानी अधिकांश विधानसभाएं इसकी जद में आ जाएगी। इसी तरह पूर्व सीएम कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ ने भी लगातार दौरे करने की तैयारियों को मूर्त रुप देना शुरु करदिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में न जाने का निर्णय लेकर ये संकेत दे दिए थे कि वे एमपी में सक्रिय होंगे। यही वजह है कि उन्होने पूरे प्रदेश की विधानसभा में दौरे का कार्यक्रम बना लिया है। हालांकि अभी इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। खबरों के अनुसार उन्होने अपने समर्थकों को इसके लिए संदेश भेजना भी शुरु कर दिया है। उनके स्टॉफ ने सभी स्थानों पर मैसेज दे दिया है कि जल्दी ही श्री सिंह पहुंच सकते है।इसके ठीक इतर पूर्व सीएम कमलनाथ भी पूर्व सांसद नकुलनाथ को सक्रिय करने की तैयारी में है। खबर है कि संगठन के तौर पर उन्हें इस बात के लिए कह दिया गया है कि वे प्रदेश की अलग अलग विधानसभा सीटों पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करें। वे भी बरसात के चलते दौरे करते दिखाई देंगे। दिग्विजय सिंह और पूर्व सीएम कमलनाथ की इस तरह से सक्रियता की संभावनाओं को लेकर भाजपा की भी नजरें जमी हुई है।

दिग्विजय पर भाजपा ने तैयार की रणनीति

सूत्रों ने ये भी बताया कि दिग्विजय सिंह के सक्रिय होते ही भाजपा नई रणनीति के तहत मैदान में दिखाई देगी। सूत्रों की मानें तो श्री सिहं के पुराने कार्यकाल से लेकर उनके पूर्व में दिए गए कुछ बयानों की याद ताजा करने की तैयारी भाजपा कर रही है। यदि ऐसा हुआ तो चुनाव के पहले ही राजनीति में उबाल आना तय माना जा रहा है। गौरतलब है कि एक साल में ही नगरीय निकाय चुनाव होंगे, इसके अलावा पंचायत चुनाव भी होने है। उनके दौरे के दौरान इन चुनावों के नतीजे ये तय कर देंगे कि श्री सिंह की ये रणनीति कितनी कारगर साबित हुई है। हालांकि पूर्व में कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी ने भी पदयात्रा निकाली थी जिसका कोई खास फायदा चुनाव में कांग्रेस को नहीं हुआ था।