राज्यसभा के लिए भाजपा ने दो सीटों पर तय किए उम्मीदवार, एक सीट के लिए कांग्रेस में कलह का इंतजार, कांग्रेस को कमलनाथ का सहारा, विधायकों पर गोपनीय तरीके से नजर रख रहे नेता,

भोपाल: मध्यप्रदेश में राज्यसभा को लेकर कांग्रेस और भाजपा में प्रत्याशी को लेकर मंथन का दौर तेज हो गया है। भाजपा ने एक सीट के लिए जार्ज कुरियन के नाम पर लगभग मुहर लगा दी है, जबकि दूसरी सीट पर सुमेर सिंह सोलंकी को रिपीट नहीं किया जा रहा। उनके स्थान पर जिस नेता का नाम सामने आने वाला है उसे हरी झंडी दे दी गई है। हालांकि अभी सूची जारी नहीं हुई है। हाल ही में सीएम मोहन यादव के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नबीन से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के चलते नामों पर सहमति लगभग बना ली गई है। एक सीट पर नाम तय नहीं होने की जानकारी लगी है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेता अभी कांग्रेस में कलह का इंतजार कर रहे है, यानी कोई ऐसा नाम आ जाए जिसपर विधायक सहमत नहीं है तो वे अपना तीसरा नाम ओपन कर देंगे। खबर है कि तीसरे नाम पर भी भाजपा नेताओं ने विचार लगभग कर लिया है, सिर्फ मौके का इंतजार किया जा रहा है। उधर कांग्रेस ने भी दिल्ली में मंथन तेज कर दिया है। पूर्व सीएम कमलनाथ हाल ही में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे से मिले थे। सूत्र बताते है कि नाथ ने भरोसा दिलाया है कि पार्टी राज्यसभा में जीत दर्ज करवाएगी, वे इसके लिए तैयार है। तकरीबन आधा घंटे की मुलाकात के बाद श्री नाथ वापस लौट आए। उधर कांग्रेस के नेता पीसी शर्मा ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के नाम की पैरवी की है। उन्होने कहा है कि वर्तमान हालातों में दिग्विजय सिंह को राज्यसभा में भेजा जाना चाहिए। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह पहले ही राज्यसभा में न जाने का संकल्प सार्वजनिक कर चुके है।

कांग्रेस विधायकों की जासूसी

सूत्रों का कहना है कि प्रदेश संगठन इन दिनों कांग्रेस विधायकों पर नजरें रखे हुए है। उनकी गतिविधियों से लेकर उनके क्रियाकलापों की जानकारी ली जा रही है, ताकि इस बात की खबर लग सके कि कौन क्रास वोटिंग कर सकता है। सूत्रों ने ये भी जानकारी दी कि भाजपा नेता कांग्रेस के लगभग दस विधायकों से संपर्क में है। ये विधायक कौन से है ये अभी सामने आना शेष है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने अनौपचारिक चर्चा में बताया कि कांग्रेस के काफी विधायक पार्टी से चर्चा कर रहे है। ऐसे हालातों में कांग्रेस का एक भी गलत कदम भाजपा के लिए सोने पे सुहागा वाली कहावत चरितार्थ करता दिखाई देगा।