महाकाल राजी तो क्या करेगा काजी,, उज्जैन के मंदिर में युवक युवती ने की सगाई तो खडा हुआ बवाल, वीडियो सामने आते ही हरत में आया प्रशासन,,

भोपाल: उज्जैन महाकाल मंदिर में रील बनाने को लेकर अक्सर प्रबंधन का कडा रुख सामने आता रहा है। इस बार भी एक युवक युवती द्वारा सगाई का वीडियो सोशल मीडिया में आने के बाद प्रबंधन हरकत में आया है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से आए दिल्ली से आए एक युवक और युवती का मंदिर परिसर में सगाई की थी। दोनों ने मंदिर के भीतर एक दूसरे काे अंगूठी पहनाई और बाबा महाकाल को प्रणाम करके चले गए। इसका बकायदा एक वीडियो भी बनाया गया, इस वीडियाे को सोशल मीडिया में पोस्ट किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन हरकत में आया है और कार्रवाई की बात कही जा रही है। वीडियो मंदिर के नंदी हॉल और गणेश मंडपम का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो दिल्ली निवासी पुलकित मल्होत्रा और गिन्नी खंडूजा नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से अपलोड किया गया था। वीडियो के साथ “जब महाकाल राजी तो क्या करेगा काज़ी” जैसी लाइन भी लिखी गई थी। वीडियो में दोनों युवक-युवती वीआईपी और प्रोटोकॉल एंट्री मार्ग से मंदिर में प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मंदिर परिसर में पहुंचे और गणेश मंडपम के पहले बैरिकेड के पास अंगूठियों का आदान-प्रदान किया। खास बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी ने भी उन्हें वीडियो बनाने या इस तरह की गतिविधि करने से नहीं रोका। मामला सामने आने के बाद महाकाल मंदिर समिति ने संज्ञान लिया। मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने की कार्रवाई कराई गई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों को प्रोटोकॉल मार्ग से प्रवेश किसके माध्यम से मिला और वीडियो किसने शूट किया।

बताया जा रहा है कि मंदिर के एक पुजारी के सहयोग से दोनों को प्रवेश मिला था, जबकि वीडियो किसी सहायक द्वारा बनाया गया। मंदिर प्रशासन अब सीसीटीवी फुटेज की जांच कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की तैयारी में है। इसके अलावा वीडियो में नजर आ रहे युवक और युवती के मंदिर प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

महाकाल मंदिर में मोबाइल और वीडियो रिकॉर्डिंग पर पहले से प्रतिबंध लागू है, इसके बावजूद इस तरह मंदिर परिसर में सगाई की रस्म और रील शूट होने से सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि मंदिर समिति नियम तोड़ने वालों और उन्हें सहयोग देने वालों पर कितनी सख्त कार्रवाई करती है।