छिंदवाडा: यूरिया को लेकर परासिया मार्ग पर मची अफरा तफरी के बाद देर रात कांग्रेस के नेता और निगम अध्यक्ष सोनू मागो पर मामला दर्ज कर लिया गया। उनके साथ साठ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाए जाने की खबर है। कहा जा रहा है कि सडक जाम करने के मामले में इन तमाम लोगों को आरेापी बनाया जा रहा है। विडियो फुटेज देखकर नाम दर्ज किए जा रहे है। उधर इस घटनाक्रम के अचानक बाद देहात नगर निरीक्षक को लाईन हाजिर कर दिया गया। ऐसा क्यों हुआ चर्चा का विषय है, लेकिन जानकार इसके पीछे का कारण यूरिया वितरण के दौरान हुए हल्ले को मान रहे है। सूत्रों का कहना है कि रास्ता जाम करने के मामले में एक कांग्रेस नेता पर मामला दर्ज करने और उन्हें देर रात थाना लाने के लिए कहा गया था, लेकिन थानेदार ने माहौल खराब होने का हवाला देकर मनाही कर दी। दरअसल अंदेशा ये था कि कहीं कांग्रेस के युवा नेता के समर्थन में किसान सडक पर न आ जाए। खबर है कि इसके बाद पुलिस अधिकारी आवेश में आ गए, फटकार लगाई और दूसरे दिन लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए गए। हालांकि इस बात से पुलिस के अधिकारी इत्तेफाक नहीं रखते। सूत्रों का कहना है कि पूरे प्रकरण ने कांग्रेस के युवा नेता सोनू मागो को अचानक लाईम लाइट में लाकर खडा कर दिया है। वे आंदोलन में अपने साथियों के साथ शामिल हुए, बाद में किसानों के साथ होकर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया। इसी के चलते उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। अब पूरी कांग्रेस इस बात पर आक्रामक हो रही है।
कांग्रेस आक्रामक होने की तैयारी में
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कांग्रेस नेताओं ने किसानों के साथ होने का दावा किया है। उन्होने कहा है कि पुलिस ने यदि मामला दर्ज किया है तो कोई भय नहीं, पुलिस गिरफ्तार कर लें, भविष्य में भी वे किसानों का साथ नहीं छोडेंगे। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि यदि इस तरह की ज्यादती होती रही तो कांग्रेस सडक पर उतरने से नहीं चूकेगी। नगर निगम अध्यक्ष सोनू मागो पर दर्ज किए गया मामला दुर्भावनापूर्ण नजर आता है। बहरहाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक के दौरान आक्रामक होने के संकेत जरूर दिए है लेकिन आगे इसमें क्या होगा, अभी साफ नहीं है। उधर भाजपा के नेता भी पूरे प्रकरण में नजरें जमाए बैठे है।










