चेन्नई से रंगनाथन पकडकर डंका पीटने वाली पुलिस जिले से डॉक्टर और एक महिला को नहीं पकड पा रही, दिया तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ कर रही परासिया पुलिस, कप्तान की टेढी नजर, भोपाल सीएम हाउस भी कर रहा मॉनिटरिंग

छिंदवाडा: एसआईटी की टीम ने रंगनाथन को जिस मुस्तैदी से पकडने की बात कही, उससे सभी हैरान थे। कहा जा रहा है कि सीएम के निर्देशों के बाद एसआईटी को अधिकारियों के दबाव का सामना करना पड रहा था। यही वजह थी कि टीम ने सदस्यों की मुस्तैदी से रंगनाथन को पकड लिया। सभी ने जमकर सराहना की। एसआईटी के अधिकारी फूल के कुप्पा हो गए। उन्हें लगा मानों उन्होने बडी फतह हासिल कर ली हो। भोपाल तक उनकी सराहना भी हुई लेकिन अब एक बार फिर परासिया पुलिस कटघरे में है। दरअसल इस बार पुलिस फरार दो चिकित्सकों को नहीं पकड पा रही है। इतना ही नहीं आरोपी डॉक्टर की बीबी को भी पुलिस गिरफ्त में लेने में नाकाम रही है। काफी समय हो गया, केवल अपनी वाहवाही लूट रहे पुलिस के अधिकारियों के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है कि आखिर ऐसा क्यों हाे रहा है। यदि सवाल के लिए मोबाइल लगाया जाए तो उठाने से परहेज करने लगते है। सूत्र इस मामले में स्थानीय लोग अपने तरीके की कहानी बता रहे है। कहा जा रहा है कि पुलिस के अधिकारी इसमें ढीलाई बरत रहे है। इसके पीछे कुछ और कारण भी हो सकते है। सायबर सेल से लेकर तमाम संसाधन होने के बावजूद पुलिस का परासिया में ढीला रवैया इस बात को स्पष्ट करने के लिए काफी है कि वह किस तरह की कार्यशैली अपना रही है। सूत्रों की मानें तो परासिया के पुलिस अधिकारी एम आर जैसे नरम चारे को पकडकर इस बात को साबित करने का प्रयास कर है कि वे कितने एक्टिव है। ऐसे में शुरुआती दौर में वाहवाही लूटने वाली पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

बडे चेहरों पर फोकस कम

बताया जा रहा है कि चेन्नई में केमिकल सप्लाई करने वालों से पूछताछ करने के बजाए जिले के छोटे एमआर और अन्य लोगों को निशाना बनाने में लगी परासिया पुलिस इस बात का संदेश दे रही है कि वह बेहद सक्रिय है। इस मामले में सीएम स्वयं नजरें जमाए बैठे है। उनके पास भी पल पल की अपडेट जा रही है। सूत्रों ने बताया कि ये जानकारी भी सीएम को भेजी जा चुकी है। हाे सकता है कि आने वाले समय में वहां से किसी तरह के निर्देश सामने आ जाए। बहरहाल परासिया के सेलिब्रिटी पुलिस अधिकारी यदि इस मामले में सक्रिय न हुए तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आने वाले समय में भोपाल तक पुलिस के लिए परेशानी बढ सकती है।