महिला कांग्रेस के बाद अब युवक कांग्रेस ने कराई किरकिरी, नाथ हुए नाराज, संगठनों की मैदान में पकड ढीली, रिपीट की परंपरा से कांग्रेस कमजोर, नए चेहरे मौके के इंतजार में

छिंदवाडा: कुछ समय पहले सदस्यता अभियान में महिला कांग्रेस ने नाथ की किरकिरी करवाई थी, इसको बीते अभी कुछ ज्यादा समय भी नहीं हुआ कि अब युवक कांग्रेस इस ढर्रे पर चल निकली। यदि शुरु में ही सख्ती के साथ कोई ठोस कदम उठा लिया जाता तो शायद इन हालातों को रोका जा सकता था। कांग्रेस के नेता पहले के नतीजों को लेकर की गई कार्रवाई की मिसाल कायम कर सकते थे, लेकिन उस दौरान कुछ नहीं किया गया, यही वजह है कि अब दूसरे संगठन भी उसी राह पर चल निकले है। हैरानी की बात ये है कि कांग्रेस के नेता केवल परेशान हो रहे है, करने के मामले में वे कमजोर नजर आते है। कहा जा रहा है कि हालात ऐसे ही रहे तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आने वाले समय में भाजपा से लडना आसान नहीं होगा। लगातार दौरे और प्रयासों के बावजूद इन परिस्थितियों का निर्मित होना किसी अलार्म से कम नहीं है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के नेता बदलाव को लेकर लंबे समय से नकारात्मक रहे है और इसी का नतीजा है कि नए चेहरों को कम मौका मिला है। कार्यकाल पूरा होने के बावजूद पदाधिकारी न तो पद छोडने को तैयार रहते है और न ही उनके स्थान पर दूसरी पंक्ति को नियुक्त किया जाता है। यह एक बडी वजह है कि कांग्रेस के संगठन में हालात बिगड रहे है। हालांकि पूर्व सीएम कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ इस मामले में नजर रखे हुए है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ समय में संगठनो में बदलाव देखने को मिलेगा। उधर संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे नेताओं की नीरसता भी इस मामले में सोने पर सुहागा जैसा काम कर रही है। स्थितियां ऐसी हो गई है कि संगठन से कहीं ज्यादा अपनी रुचि पर ध्यान दिया जा रहा है।

नाथ पर कम, खुद के गुट पर ज्यादा ध्यान

जानकारों का कहना है कि कांग्रेस के कुछ नेता इन दिनों गुटबाज हो गए है। वे अपने गुट के लोगो को बढाने पर भरोसा करते है। ऐसे में उन नेताओं की फजीहत हो रही है जो पद के लिए योग्यता तो रखते है लेकिन आगे नहीं आ पा रहे है। इनमें कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाम भी शामिल है। हैरानी की बात ये है कि पूर्व में जिस तरह से चुनाव में पराजय हाथ लगी उसके बावजूद ये नेता सबक नहीं ले पा रहे है। नाथ परिवार लगातार इन नेताओं पर भरोसा जता रहा है लेकिन जो कुछ घट रहा है उससे साफ हो गया कि अब कडे निर्णय का इंतजार है। पूर्व सीएम कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ के बार बार आने के बावजूद संगठन के ये हालात बयां करते है कि कांग्रेस के लिए आगे की राह आसान नहीं है। फिलहाल समय के साथ कांग्रेस में बदलाव की बयान न बही तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बडे पदों पर बैठे कांग्रेस के नेता नाथ के साथ न्याय नहीं कर पाऐंगे।